how to make life awesome?

ऊँचा जीवन सभी को अच्छा लगता है. जिसमे हर वो चीज़ परफेक्ट हो, जो हमारे जीवन में ऊंचाई को लेकर आती है. तो ऊँचा जीवन क्या है? इसको हम कैसे मेजर कर सकते है? यंहा ऊंचाई का मतलब आसमान को छु लू, ये नही होता. बल्कि अपने विचार को इतना ऊँचा बना देना, जिससे सच में वो आसमान भी छु लिया जाये.अब ये कैसे होगा?

जीवन

नमस्कार दोस्तों आपका स्वागत है हमारे ब्लॉग भारत का ब्लॉग में. इसमें हम life से जुडी तमाम बातो की क्षेणीबद्ध तरीके से जानकारी को उपलब्द करवाते रहते है.

विचारो का महत्व

हमारे विचार जीवन के लिए बेहद आवश्यक होते है. इन्ही विचारो से जीवन बनता है. मतलब जैसे हम विचारो का खेल मन में रचते है, उसी तरह का खेल जीवन में होना शुरू हो जाता है. हमारे मन में उठने वाले विचार ही हमारे जीवन की रचना का सबसे पहला कारण है. जैसे हमारे विचार होगे, उसी अनुसार हमारा जीवन बनता जाता है.

अब जब हम सही दिशा के विचारो का जीवन बनाने की कोशिश करते है. तो उसमे सबसे बड़ा बाधक नकरात्मक और व्यर्थ बनकर उबरता है. ये नकारत्मक और व्यर्थ विचारो के खेल से हम जीवन को ऊँचा बनाने में नाकामयाब हो जाते है. अधिकाश ये हम सभी की एक बहुत बड़ी समस्या होती है… जब हमारा मन एक लक्ष्य के लिए बढ़ता है, तो अवश्य ही वंहा दो तरह के विचारो के संगम होते है.

इन दो विचारो की फरेकुएसी हमे एक दो के साथ उलझती है. फिर हम दो में से एक का निर्णय बुद्धि द्वारा करते है. आज के समय में एसा कोई व्यक्ति नही होगा, जिसके पास दो आप्शन न आये हो. परन्तु कुछ लोग कामयब इसीलिए हो जाते कारन वो सही विचारो के साथ आगे बढ़ते है.

पॉवर ऑफ़ निर्णय

ये शक्ति हमे विश्वास दिलाती है, हमारे जीवन का हर निर्णय हम स्वयं लेते है. अर्थात यदि हमारे भीतर परखने की शक्ति है. तो निर्णय अपने आप हो जाता है. क्योंकि यदि हमने सही विचार परख लिया, तो निर्णय अपने आप हो जायेगा. इसके लिए हमे परखने की आवश्यकता बहुत अधिक होती है. परखना क्या?

जैसे आपके मन में अभी एक संकल्प उठ रहा है. क्या मुझे youtube पर कोई फनी विडिओ देखनी चाहिए, या कोई अच्छी पोस्ट पढनी चाहिए. तो इन दोनों के बीच बुद्धि इंटरैक्ट करती है. बुद्धि को हम निर्णय के लिए कहेगे. और हमे youtube पर विडिओ देखना कम्फर्ट लगता है. तो हम अपने उस दुसरे विचार को छोड़ youtube पर जायेगे.

इससे हम आनन्द तो पा लेते, परन्तु अपना समय बर्बाद कर देते. यंहा परखने की शक्ति का इस्तेमाल करना जरूरी होता है. अब यदि आप खाली बैठे है. तो चीजों में समय इन्वेस्ट करते है. तो आपका टाइम व्यर्थ से बच जाता है. और शक्ति भी बढती है. वोही व्यर्थ शक्ति को कम कर देता है.

इसके अलावा व्यर्थ से आने वाली नकरात्मक उर्जा से भी बच सकते है. क्योंकि जो हम ज्यादा व्यर्थ में समय देते है. to उससे जीवन पर उसका असर आता है. क्योंकि हम उस उर्जा से जुड़ जाते है. जिससे कारण हमारी सोच में वो सारी बाते घुमने लग जाती है. आपने ऐसा कई बार महसूस किया होगा, जब किसी सीरियल को देखने के बाद वोही सीरियल कई दिनों तक मन म घूम रहा था.

एसा इसीलिए क्योंकि हम उससे जुड़ जाते है. इससे जीवन अच्छा तो बन सकता है क्या? तो हमे जीवन की यात्रा को समज कर उसमे सही पॉइंट को रखना है. सही पॉइंट क्या है? सही पॉइंट अर्थात सही विचार, सही विचार कैसे मिलते है? सही जानकारी लेकर, वो जानकारी कन्हा मिलती है. अच्छी किताबो में अच्छी चीज़ को देखने से. ये निर्णय और परख होना सफलता के लिए जरूरी होता है.

ऊँचा जीवन बनाने की विधि

हर किसी के भीतर ऊँचा जीवन बनाने की कला रहती है. परन्तु वो उसका प्रयोग करते नही है. उसके पीछे उनके कई सारे रीजन रहते है. परन्तु ऊँचा जीवन एसा नही है, जिसमे गाड़ी बंगला, एशो आराम आदि अनेको साधन हो. वो to विलासिता का जीवन है. वो ऊँचा जीवन नही हुआ.

ऊँचा जीवन अर्थात सादा जीवन, और उच्च विचार, सादा जीवन उच्च विचार मतलब भले हम करोड़ो की गाड़ी में घूम रहे हो. हमारे पास अरबो रूपये हो. परन्तु यदि हम उच्च विचार पूर्ण जीवन जिए. अर्थात जिसमे सादगी के गुण हो. to वो जीवन सब के लिए मिसाल बन जाता है. सादा जीवन सबके लिए मिसाल इसीलिए बनता है. क्योंकि उस जीवन में उदारता के गुण है.

आज ज्यादातर सफल क्यों नही है? क्योंकि उनके पास दिखावटी सफलता to रहती है. परन्तु वो विवेक शील व्यक्तित्व की कमी होती है. यंहा हमे एक चीज़ को ध्यान पूर्वक समजने की जरूरत है. विचार-निर्णय-उर्जा- व्यक्तित्व- भाग्य. अर्थात सबसे पहले हमारी सोच, उसके बाद अंतिम में वोही सोच हमारा रिटर्न भाग्य का निर्माण करता है.

तो हमे क्या करना है? हमे सबसे पहले सोचने का तरीका रुपात्रित करने पर बल देना है. जब हमारे विचार की शक्ति में परिवर्तन आता है, तभी हम अपनी भाग्य को अर्थात जीवन की उर्जा को ऊँचा बना सकने में कामयाब रहते है. भाग्य का निर्माण हमारी सोच है, क्योंकि सोच ही हमारे बीज अर्थात आत्मा का भोजन पानी होता है…

उच्च जीवन विवेक शक्ति और समज शक्ति के साथ सम्पूर्ण निर्विघ्न अव्श्था का स्वरूप है. जिसमे सब कुछ सकरात्मक घटना ही होती हो. वो जीवन ही सच्चा उच्च जीवन की क्षेणी में आता है. इसमें हमे बस ज्यादा करना होता नही है. मेहनत केवल विचार पर अटेंशन है. बाकि सब बाते आगे चलकर ऑटोमेटिक ही राईट दिशा में आ जाती है.

राईट का मतलब केवल राईट होता है. जब हम राईट चीजों का निर्णय जीवन में ले लेते है. तो पीछे मुड़ने के ;लिए कोई रास्ता नही रहता. क्योंकि वरोंग से जब हम राईट कार्य को करने में जागरूक होते है. तो हमे पुराने जीवन से नफरत होने लगती है. हमे बस राईट जीवन की कला में ही सच्चा सुख प्राप्त होना आरम्भ होने लगता है.

दोस्तों आपकी इस लेख के प्रति जो भी राय हो हमे अवश्य ही बताये. और इसे ही लेख पढने के लिए हमारी वेबसाइट पर विजिट करते रहिये. आपका बहुत बहुत धन्यवाद…

Leave a Reply